तत्सम एवं तद्भव शब्द हिंदी नोट्स एवं अध्ययन सामग्री

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तत्सम एवं तद्भव शब्द हिंदी नोट्स एवं अध्ययन सामग्री
तत्सम एवं तद्भव शब्द हिंदी नोट्स एवं अध्ययन सामग्री

यदि आप हिंदी भाषा के नोट्स एवं अध्यन सामग्री खोजते हुए यहाँ पर आये हैं तो आप की खोज खत्म हुई. इस वेबसाइट पर हमने हिंदी के नोट्स एवं अध्ययन सामग्री उप्लभ्ध कराई है. ये आपकी विभिन्न परीक्षाओ में मददगार साबित हो सकते है ! हमने पूरी कोशिश की है की आपको सरल से सरल तरीके से समझाए. आप अपने सुझाव एवं कोई सन्देश देना चाहते है तो नीचे comment section में लिखे ! इस पोस्ट में हमने तत्सम एवं तद्भव शब्द हिंदी नोट्स एवं अध्ययन सामग्री उप्लभ्द कराई है !

तत्सम शब्द की परिभाषा: किसी भाषा का वह शब्द जो मूल रूप से उसी भाषा का है, तत्सम शब्द कहलाता है! उदाहरण: अचरज, अँधेरा, जीभ !

तद्भव शब्द की परिभाषा: तत्सम शब्दों में समय और परिस्थितियों के कारण कुछ परिवर्तन होने से जो शब्द बने हैं उन्हें तद्भव शब्द कहते है! तद्भव शब्द किसी भाषा के मूल शब्द से बनता है! उदाहरण: आश्चर्य, अन्धकार, जिह्वा !

नीचे कुछ तत्सम एवं तद्भव शब्दों के उदाहरण दिए हुए है! ये उदाहरण काफी परीक्षाओ में पूछे जा चुके है! तो आप इन् शब्दों की अच्छे से त्यारी करें !

तत्समतद्भवतत्समतद्भव
अँधेराअन्धकारपत्थरप्रस्तर
अचरजआश्चर्यपत्तापत्र
अगमअगम्यनाकनासिका
अमोलअमूल्यप्यासपिपासा
आगअग्निपंखपक्ष
आमआम्रबच्चावत्स
आधाअर्धपाँवपाद
ऊँचाउच्चब्याहविवाह
कामकर्मबहूवधू
कीड़ाकीटभापवाष्प
कबूतरकपोतबूँदबिन्दु
कुआँकूपमक्खीमक्षिका
खेतक्षेत्रभीखभिक्षा
गधागर्दभमामामातुल
गाँवग्रामभाईभ्राता
घड़ाघटमुँहमुख
चाँदचन्द्रमाथामस्तक
घीघृतसीखशिक्षा
जीभजिह्वामीठामिष्ट
छेदछिद्रसूखाशुष्क
दाँतदन्तरातरात्रि
दहीदधिहिरनहरिण
दूधदुग्धसचसत्य
दीयादीपहाथहस्त
नयानवहाथीहस्ती
धुआँधूम्रसाँपसर्प

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तत्सम एवं तद्भव शब्द: हिंदी नोट्स एवं अध्ययन सामग्री
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  • 6 COMMENTS

    1. kuch tatsum or tadbhav shabd ulte likhe huye hain.. please aise galat notes na upload kia kare.. ye kisi k liye bahut nuksan dayak ho sakta hai..

    2. तत्सम — तद्भव

      आभीर — अहेर
      आर्य — आरज
      अनार्य — अनाड़ी
      आश्विन — आसोज
      आश्चर्य — अचरज
      अक्षर — अच्छर
      अगम्य — अगम
      अक्षत — अच्छत
      अक्षय — आखा
      अष्टादश — अठारह
      अग्नि — आग
      आम्रचूर्ण — अमचूर
      आमलक — आँवला
      अमूल्य — अमोल
      अंगुलि — अँगुरी
      अक्षि — आँख
      अर्क — आक
      अट्टालिका — अटारी
      अशीति — अस्सी
      ईर्ष्या — ईर्षा
      उज्ज्वल — उजला
      उद्वर्तन — उबटन
      उत्साह — उछाह
      ऊषर — ऊसर
      उलूखल — ओखली
      उच्छवास — उसास
      किरण — किरन
      कटु — कड़वा
      कपर्दिका — कौड़ी
      कर्तव्य — करतब
      कंकण — कंगन
      कुपुत्र — कपूत
      काष्ठ — काठ
      कृष्ण — किसन
      कार्तिक — कातिक
      कार्य — कारज
      कर्म — काम
      किंचित — कुछ
      कदली — केला
      कुक्षि — कोख
      केवर्त — केवट
      क्षीर — खीर
      क्षेत्र — खेत
      गायक — गवैया
      गर्दभ — गधा
      ग्रंथि — गाँठ
      गोधूम — गेहूँ
      ग्रामीण — गँवार
      गोमय — गोबर
      गृहिणी — घरनी
      धृत — घी
      चंद्र — चाँद
      चंडिका — चाँदनी
      चित्रकार — चितेरा
      चतुष्पद — चौपाया
      चैत्र — चैत
      छिद्र — छेद
      यमुना — जमुना
      यज्ञोपवीत — जनेऊ
      ज्येष्ठ — जेठ
      जामाता — जवाई
      जिह्वा — जीभ
      ज्योति — जोत
      यव — जौ
      दंष्ट्रा — दाढ़
      तपस्वी — तपसी
      त्रीणि — तीन
      तुंद — तोंद
      स्तन — धन
      दधि — दही
      दंत धावन — दातुन
      दीपशलाका — दीया सलाई
      दीपावली — दीवाली
      दृष्टि — दीठि
      दूर्वा — दूब
      दुग्ध — दूध
      द्विप्रहरी — दुपहरी
      धरित्री — धरती
      धूम — धुंआ
      नक्षत्र — नखत
      नापित — नाई
      निष्ठुर — निठुर
      निद्रा — नींद
      नयन — नैन
      पर्यंक — पलंग
      प्रहर — पहर
      पंक्ति — पंगत
      पक्वान्न — पकवान
      पाषाण — पाहन
      प्रतिच्छाया — परछाई
      पत्र — पत्ता
      फाल्गुन — फागुन
      वज्रांग — बजरंग
      वल्स — बच्चा/बछड़ा
      वरयात्रा — बरात
      बलीवर्द — वैल
      बली वर्द — वींट
      विवाह — ब्याह
      व्याघ्र — बाघ
      भक्त — भगत
      भिक्षुक — भिखारी
      बुभुक्षित — भूखा
      भाद्रपद — भादौं
      मक्षिका — मक्खी
      मशक — मच्छर
      मिष्टान्न — मिठाई
      मौक्तिक — मोती
      मर्कटी — मकड़ी
      मश्रु — मूँछ
      राजपुत्र — राजपूत
      लौह — लोहा
      लवंग — लौंग
      लोमशा — लोमड़ी
      सप्तशती — सतसई
      स्वप्न — सपना
      साक्षी — साखी
      सौभाग्य — सुहाग
      श्वसुर — ससुर
      श्यामल — साँवला
      श्रेष्ठी — सेठी
      शृंगार — सिंगार
      हरिद्रा — हल्दी
      हास्य — हँसी
      एला — इलायची
      नारिकेल — नारियल
      वट — बड़
      अमृत — अमिय
      वधू — बहू
      अगाणित — अनगणित
      अंचल — आँचल
      अँगरखा — अंगरक्षक
      अज्ञान — अजान
      अन्यत्र — अनत
      अंधकार — अँधेरा
      आषिष् — असीस
      अमृत — अमीय
      अमावस्या — अमावस
      अर्पण — अरपन
      अंगुष्ट — अँगूठा
      आश्रय — आसरा
      अद्य — आज
      अर्द्ध — आधा
      आलस्य — आलस
      अखिल — आखा
      अंक — आँक
      अम्लिका — इमली
      आदित्यवार — इतवार
      इक्षु — ईख
      इष्टिका — ईंट
      उत्साह — उछाह
      उच्च — ऊँचा
      उलूक — उल्लू
      एकत्र — इकट्ठा
      कच्छप — कछुआ
      क्लेष — कलेष
      कर्ण — कान
      कज्जल — काजल
      कंटक — काँटा
      कुमार — कुँअर
      कुक्कुर — कुत्ता
      कुंभकार — कुम्हार
      कष्ठ — कोढ़
      कपाट — किवाड़
      कोष्ठ — कोठा
      कूप — कुआँ
      कर्पट — कपड़ा
      कर्पूर — कपूर
      कपोत — कबूतर
      कास — खाँसी
      क्रूर — कूर
      गोस्वामी — गुसाई
      गोंदुक — गेंद
      ग्राम — गाँव
      गोपालक — ग्वाला
      गृह — घर
      घटिका — घड़ी
      गर्मी — घाम
      चर्वण — चबाना
      चिक्कण — चिकना
      चूर्ण — चूरन
      चक — चाक
      चतुर्विंष — चौबीस
      क्षति — छति
      छाया — छाँह
      क्षीण — छीन
      क्षत्रिय — खत्री
      खटवा — खाट
      यज्ञ — जग/जज्ञ
      जन्म — जनम
      यति — जति
      यूथ — जत्था
      जंधा — जाँध
      युक्ति — जुगति
      ज्योति — जोत
      झरन — झरना
      जीर्ण — झीना
      दंष — डंका
      ताम्र — ताँबा
      तीक्ष्ण — तीखा
      तृण — तिनका
      तीर्थ — तीरथ
      त्वरित — तुरंत
      त्रयोदष — तेरह
      स्थल — थल
      स्थिर — थिर
      द्विपट — दुपट्टा
      दुर्बल — दुबला
      दुःख — दुख
      द्वितीय — इजा
      दक्षिण — दाहिना
      धूलि — धूरि
      धुर् — धुर
      धन्नश्रेष्ठी — धन्नासेठी
      धैर्य — धीरज
      धूम — धुँआ
      दंत — दाँत
      दद्रु — दाद
      दिषांतर — दिषावर
      धर्म — धरम
      नृत्य — नाच
      निर्वाह — निवाह
      निम्ब — नीम
      नकुल — नेवला
      नयन — नैन
      नव — नौ
      स्नेह — नेह
      पक्ष — पख
      पथ — पंथ
      परीक्षा — परख
      पार्ष्व — पड़ोसी
      पृष्ठ — पीठ
      पुष्कर — पोखर
      पूर्ण — पूरा
      पंचम — पाँच
      पौष — पूस
      पूर्व — पूरब
      पंचदष — पंद्रह
      पक्षी — पंछी
      पक्क — पका
      पट्टिका — पाटी
      प्रकट — प्रगट
      वाणिक — बनिया
      दौहित्र — दोहिता
      देव — दई
      पवन — पौन
      प्रिय — पिय
      पुच्छ — पूंछ
      पर्पट — पापड़
      वक — बगुला
      बंध्या — बाँझ
      वधू — बहू
      वंष — बाँस
      वद्ध — बुड्ढ़ा
      भगिनी — बहन
      द्वादष — बारह
      विष्ठा — बींट
      वृष्चिक — बिच्छु
      दीप — दीया
      द्विवर — देवर
      वीण — वीना
      रक्षा — राखी
      रज्जु — रस्सी
      राषि — रास
      रिक्त — रीता
      लज्जा — लाज
      लौहकार — लुहार
      लवणता — लुनाई
      लेपन — लीपना
      सर्सप — सरसों
      श्रावण — सावन
      लक्ष्मण — लखन
      शर्करा — शक्कर
      सपत्नी — सौत
      स्वर्णकार — सुनार
      शूकर — सुअर
      शाप — श्राप
      विकार — विगाड़
      भक्त — भगत
      भद्र — भला
      भ्रात्जा — भतीजी
      भिक्षा — भीख
      भ्रमर — भौरां
      भ्रू — भौं
      भस्म — भस्मि
      मित्र — मीत
      मेध — मेह
      मृत्यु — मौत
      मयूर — मोर
      मुषल — मूसल
      नम्र — नरम
      नासिका — नाक
      फणि — फण
      पद्म — पदम
      परखः — परसों
      पाष — फंदा
      पुहुप — पुष्प
      प्रस्वेद — पसीना
      मनुष्य — मानुस
      महिषि — भैस
      मार्ग — मारग
      मृत — घट्ट/मरघट
      मरीच — मिर्च
      रूदन — रोना
      ऋक्ष — रीछ
      शैया — सेज
      शुष्क — सूखा
      शृंग — सींग
      शिक्षा — सीख
      हस्ती — हाथी
      हट्ट — हाट
      होलिका — होली
      हृदय — हिय
      हंडी — हाँड़ी
      वचन — बचन
      व्यथा — विथा
      शुक — सुआ
      वर्षा — बरसात
      विधुत — बिजली
      श्याली — साली
      श्मषान — मसान
      सर्प — साँप
      यषोदा — जसोदा
      मस्तक — माथा
      मुख — मुँह

    3. तत्सम एवं तद्भव शब्द स्पष्ट रूप से समझने क लिए आपका धन्यवाद्

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